पलवल- क्राइम ब्रांच पलवल ने फर्जी कॉल सेंटर का किया पर्दाफास, एक युवती सहित 3 धरे
क्राइम ब्रांच पलवल ने फर्जी कॉल सेंटर का किया पर्दाफास, एक युवती सहित 3 धरे
इंस्टेंट लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी, दस मोबाइल जिनमें सात स्मार्ट फ़ोन, तीन कीपैड,चार पासबुक, तीन चेकबुक व एक लैपटॉप और 6 रजिस्टर बरामद
पलवल:4-जुलाई।
कमल कांत शर्मा (एच एन न्यूज़)
डीएसपी ट्रैफिक पलवल संदीप मोर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक पलवल लोकेंद्र सिंह आईपीएस द्वारा जिला पुलिस को अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच पलवल प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद इलियास की टीम ने धनी फाइनेंस एप्प से इंस्टेंट लोन देने का झांसा देने वाले गिरोह व उनके द्वारा संचालित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफास करने में सफलता हासिल की है।
ने पुरे मामले की जानकरी देते हुए डीएसपी ट्रैफिक ने बताया कि गत दिनांक 3 जुलाई 2023 को उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित सीआईए टीम को सूचना मिली की आल्हापुर गांव के निकट बनी कॉलोनी में एक युवक अपने साथियों के साथ मिलकर आम लोगों को फ़ोन कॉल कर धनी फाइनेंस से इंस्टेंट/पर्सनल लोन देने का झांसा देकर उनके साथ ठगी करता है अगर हाल फ़िलहाल रेड की जाये तो उक्त युवक उसके साथी फ्रॉड करने में
प्रयोग किये जाने वाले संसाधनों के साथ काबू किये जा सकते हैं। सूचना को सही मानकर महिला पुलिसकर्मी साथ लेकर मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर रेड की गयी तो वहां मकान के अंदर दो युवक और एक युवती फ़ोन कॉल करते मिले। टीम ने जब वहां गहन जांच की तो मौके पर चार स्मार्ट फ़ोन तीन कीपैड कम्पनी सैमसंग चालू हालत में टेबल पर रखे हुए मिले इसके अलावा दूसरी मेज पर चार पासबुक,
तीन चेकबुक व एक लैपटॉप और 6 रजिस्टर मिले जिनमें पेन से इंट्री की हुई थी। मौके पर मौजूद दोनों युवको व लड़की ने काल सेंटर की तरह सिस्टम जमा रखा था। पुलिस पूछताछ में वहां मौजूद दोनों युवको और लड़की ने अपना नाम ललित पुत्र वेदप्रकाश निवासी धतीर, अजीत पुत्र उदय भाटी निवासी मोहमदाबाद गौतमबुद्ध नगर यूपी व् भावना पुत्री हरिराम निवासी राजीव नगर पलवल बताया। मौके पर पकड़ी गयी लड़की भावना ने बताया की इस सेंटर का संचालक ललित है और हम उसके लिए काम करते हैं।
वारदात का तरीका
डीएसपी ट्रैफिक ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया की वो आम लोगों के पास फ़ोन करते हैं और उन्हें धनी फाइनेंस से इंस्टेंट लोन देने का झांसा देते हैं और फाइल चार्ज के नाम पर 999 रुपये अपने ई वॉलेट में डलवाते हैं उसके बाद हमारे झांसे में आये व्यक्ति की
कॉल आने पर हम तरह तरह के अपूर्वल के नाम पर पैसे अपने ई वॉलेट या ट्रांसफर के जरिये लेते रहते हैं। जबतक लोन लेने वाला व्यक्ति हमें पैसा देता रहता है हम किसी न किसी चार्ज के नाम पर उससे पैसे ऐंठते रहते हैं उसके बाद उस सिम को तोड़कर फेंक देतें हैं।
जब पुलिस ने इस संबंध में सेंटर संचालक ललित से लाइसेंस माँगा तो वह कोई कागजात पेश नहीं कर सका। पूछताछ में आरोपी ललित ने बताया की वह लोगों के साथ धोखाधड़ी कर पैसे हड़पने में अन्य व्यक्तियों के नाम से खाते खुलवाकर व अपने खातों में आमजन की धनराशि को हड़पने का काम करता हूँ। उसने बताया की आमजन को विश्वास में लेने के लिए में भावना से कॉल कराता हूं ताकि सामने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की धोखाधड़ी का शक न हो और मेरा साथी अजीत लोगों से व्हाट्सप्प के जरिये डाक्यूमेंट्स मंगवाता है। संदीप मोर ने बताया की उक्त तीनो आरोपियों ललित, अजीत व भावना को गिरफ्तार कर मौके पर फर्जी कॉल सेंटर में प्रयोग किये जा रहे सभी संसाधनों को बरामद कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने, फर्जी कॉल सेंटर चलाने के अलावा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पूछताछ हेतु रिमांड पर लिया जायेगा जिससे खुलासा हो सके की उक्त आरोपियों ने कितने लोगों के साथ ठगी की है।
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