सीजेएम कुणाल गर्ग के निर्देशन में डालसा द्वारा विभिन्न स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित
सीजेएम कुणाल गर्ग के निर्देशन में डालसा द्वारा विभिन्न स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित
पलवल.30 जून।
सुनील कुमार जांगड़ा (एच एन न्यूज़)
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार व माननीय जिला में सत्र न्यायाधीश व चेयरमैन पुनीश जिंदिया एवं माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुणाल गर्ग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं दवाइयों की अवैध तस्करी रोकथाम जागरूकता अभियान के अंतर्गत गांव माहोली,अतवा खंड हसनपुर व रहीमपुर व टीकरी गुर्जर खंड बडोली पलवल में विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
आपको बता दें कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुणाल गर्ग के निर्देशन में शिविरों का आयोजन जगत सिंह रावत अधिवक्ता प्राधिकरण, पिंकी शर्मा सहायक अधिवक्ता प्राधिकरण व हरविंदर, हरेंद्र, हरी सिंह, दीपक, सुमित कुमार, सुभाष चन्द्र, रज़ा मोहम्मद, सुपरवाइजर कृषि विभाग व रमेश चंद्र खंड कृषि अधिकारी व अपराध शाखा मानव तस्करी रोकथाम यूनिट बिजेंद्र सिंह एस आई, शक्ति वाहिनी गैर सरकारी संस्था से मोहित डागर व वर्षा तथा जिला बाल संरक्षण विभाग से सविता कौशिक, ललिता सैनी , दिनेश कुमार द्वारा किया गया।
उपरोक्त शिविरों में अधिवक्ताओं ने नशीली दवाओं के दुरपयोग और मादक पदार्थों व नशीली दवाओं की अवैध तस्करी से होने वाले सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक संबंधित खतरनाक प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने नशा निषेध संबंधी एन डी पी एस एक्ट 1985 के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वापक औषधि या मन प्रभावी पदार्थ या नियंत्रित पदार्थ जैसे अफीम पोस्त, कोका के पौधे, कैनेबिस के पौधे सहित अन्य प्रतिबंधित औषधियां का प्रयोग, दुरुपयोग व अवैध रूप से तस्करी करना कानूनी अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड व जुर्माना का भी प्रावधान है। इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सहायता नालसा योजना 2016 तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण कल्याण अधिनियम 2007 व सरकार की बुजुर्गों के कल्याण के लिए कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया। इसके अलावा उन्होंने महिला एवं बाल , श्रमिकों, पीड़िताओं के अधिकारों के बारे में भी ग्रामीणों को जागरूक किया । शिविरों में विशेष रूप से मौलिक कर्तव्यों के अतंर्गत पर्यावरण संरक्षण व मोबाइल का उचित प्रयोग के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
इसके अलावा शिविरों में कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कृषि की बेहतर पैदावार, कीटनाशकों का नियंत्रित प्रयोग, दीमक की रोकथाम, खरपतवार नाशक दवाईयों का नियंत्रित प्रयोग, पानी की बचत योग्य पैदावार व आधुनिक कृषि व सरकारी किसान कल्याणकारी योजनाओं व पोर्टल पर उचित समय में पंजीकरण के बारे में जानकारी प्रदान की। शिविरों में शक्ति वाहिनी संस्था, बाल संरक्षण विभाग व अपराध शाखा मानव तस्करी यूनिट प्रतिनिधियों ने उपरोक्त शिविरों में मानव तस्करी पीड़ितों, बाल श्रम, यौन अपराधों में पीड़ित लावारिस बच्चों के पुनर्वास व बरामदगी संबंधी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। बाल हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया। शिविरों में ग्रामीणों , बुजुर्गों व किसानों को दीवानी, फौजदारी, राजस्व, प्रशासनिक व सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं संबंधित विषयों पर कानूनी सलाह मुफ्त प्रदान की गई। शिविरों में दरखास्त भी पेश की गयी। शिविरों में उपस्थित ग्रामीणों को स्थाई लोक अदालत जो कि एडीआर सेंटर जिला अदालत पलवल में हर गुरुवार को आयोजित की जाती है, के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों को प्राधिकरण के द्वारा जारी बुजुर्गों व महिलाओं, पीड़ित मुआवजा योजना संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए । इसके अलावा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं ने बाल हेल्पलाइन 1098 ,महिला हेल्पलाइन 1091, वन स्टॉप सेंटर 181, पुलिस हेल्पलाइन 112, प्राधिकरण की हेल्पलाइन 01275 298003 के बारे में जागरूक किया गया। शिविरों में कृषि विभाग के अलावा पंचायत प्रतिनिधियों में सरपंच संजय सिंह,राजबाला, रविंद्र सिंह, जुगेंद्र सिंह ने भी ग्रामीणों के साथ भाग लिया।
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