पलवल -पुलिस द्वारा जुटाए गए प्रभावी साक्ष्यों एवं दमदार पैरवी तथा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की दलीलों बदौलत अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी सिद्ध करते हुए सुनाई अधिकतम सजा मृत्युदंड
दरिंदगी की हदें पार कर मूक बधिर नाबालिक लड़की का बलात्कार करने उपरांत उसकी हत्या मामले में दो दरिंदों आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने में पलवल पुलिस ने निभाई अहम भूमिका
पलवल पुलिस द्वारा जुटाए गए प्रभावी साक्ष्यों एवं दमदार पैरवी तथा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की दलीलों बदौलत अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी सिद्ध करते हुए सुनाई अधिकतम सजा मृत्युदंड
पलवल:7-जून
कमल कांत शर्मा होडल न्यूज़
पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार
लोकेंद्र सिंह आईपीएस जिला पुलिस अधीक्षक पलवल द्वारा सभी जिला की जांच इकाइयों को अभियोग में प्रभावी साक्ष्य जुटाने एवं दमदार पैरवी कर आरोपियों को उनके किए की सजा दिलाने मैं अहम भूमिका निभाने के निर्देश जारी किए हुए हैं। इन्हीं निर्देशों की पालना मे
पलवल पुलिस द्वारा जुटाए गए प्रभावी साक्ष्यों एवं दमदार पैरवी के आधार पर 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या के मामले मे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत राणा ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए
दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में सरकारी वकील हरकेश कुमार की मजबूत दलीलों का भी अहम योगदान रहा है जिनके चलते न्यायाधीश प्रशांत राणा ने दोनों को दोषी मानते हुए अधिकतम सजा मृत्युदंड सुनाई
मिली जानकारी के अनुसार साल 2020 में होडल थाना अंतर्गत एक गांव निवासी दिव्यांग की 10 वर्षीय बच्ची का शव गांव के नजदीक ज्वार के खेत से बरामद हुआ। मामले में होडल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। जांच अधिकारी एएसआई विजयपाल हाल एस आई प्रवाचक,एसपी पलवल ने मामले की गहराई एवं प्रत्येक बिंदु से जांच की जांच में पाया कि बच्ची की हत्या से पूर्व दुष्कर्म किया गया था। इसके उपरांत तत्कालीन होडल प्रभारी उपनिरीक्षक मोहम्मद इलियास हाल सीआईए पलवल प्रभारी ने भी अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए एवं साक्ष्य जुटाकर मामले में शामिल दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा।
वार्तालाप में शामिल हों