अपराध जांच शाखा पलवल ने लाखों रुपए के ट्रैक्टर चोरी कर एडिट व स्कैन के माध्यम से फर्जी आरसी बनाकर धोखाधड़ी से ट्रैक्टरों को किसानों को बेचने वाले अंतर राज्य गिरोह का किया भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार
अपराध जांच शाखा पलवल ने लाखों रुपए के ट्रैक्टर चोरी कर एडिट व स्कैन के माध्यम से फर्जी आरसी बनाकर धोखाधड़ी से ट्रैक्टरों को किसानों को बेचने वाले अंतर राज्य गिरोह का किया भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार
आरोपी से करीब 50 लाख के 6 ट्रैक्टर बरामद
गिरोह में शामिल आरोपी पहले भी इसी तरह के 10 मामलों में हरियाणा गुजरात राजस्थान मध्य प्रदेश अलग अलग राज्यों में जेल जा चुके हैं।
पलवल :5- जून ।
कमल कान्त शर्मा होडल न्यूज़
पलवल पुलिस मिली इस बड़ी कामयाबी का खुलासा करते हुए डीएसपी शाकिर हुसैन ने बताया कि लोकेंद्र सिंह आईपीएस जिला पुलिस अधीक्षक पलवल के कुशल मार्गदर्शन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर अंकुश लगा रही है। उन्होंने बताया कि गांव बलई थाना चांदहट निवासी गंगाधर ने एक मुकदमा थाना चांदहट में दर्ज कराया था जिसमें उसने बताया कि उसने एक ट्रैक्टर न्यू हॉलैंड वसीम निवासी नंगला कानपुर थाना हसनपुर से खरीदा था
कुछ समय बाद गंगाधर उस ट्रैक्टर को बेचकर नया खरीदना चाहता था जब उसने काजगों की जांच कराई तो उक्त नम्बर की आरसी FARMTRAC -60 ट्रैक्टर होना मिला। शिकायत के आधार पर वसीम के खिलाफ ट्रैक्टर की नकली आर0सी0 बना व धोखाधडी कर चोरी का ट्रैक्टर बेचने के संबंध में
आईपीसी के संबंधित धाराओं 379, 411, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया जिसपर कार्यवाही करते हुए सीआईए पलवल प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद इलियास की टीम ने मुख्य आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर 7 दिन पुलिस रिमांड पर ले लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर
करीब 50 लाख रुपये के 6 ट्रैक्टर बरामद हुए जो उन्होंने इसी तरह आरसी को एडिट कर स्कैन के जरिये नई आरसी तैयार कर धोखाधड़ी से किसानों को बेचे थे। इतना ही नही आरोपी ने बताया कि उनके गिरोह ने अलग अलग राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व गुजरात में पहले भी 10 वारदातों को अंजाम दिया हुआ है जिनमें पहले भी वो जेल जा चुक है।
शाकिर हुसैन ने बताया कि आरोपी स्कैन के माध्यम से चोरी किये हुए ट्रैक्टरों की आरसी पहले अपने नाम से बनाते थे फिर एफिडेविट के माध्यम से किसानों को धोखे से बेच देते थे। उन्होंने बताया कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने में वसीम के अलावा फतेह सिंह निवासी फरहा मथुरा उत्तरप्रदेश, जावेद निवासी सिंगार नूंह व बाबूलाल मध्यप्रदेश साथ है ।
डीएसपी के अनुसार जावेद निवासी सिंगार चोरी किये हुए ट्रैक्टरों के एडिट व स्कैन के माध्यम से कागजात बनाने का काम करता था। उन्होंने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी ने खुलासा किया है कि उनका गिरोह अब तक करोड़ों रुपये के करीब 3 दर्जन ट्रैक्टर चोरी कर धोखाधड़ी से किसानों को बेच चुके हैं। उन्होंने कहा कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी द्वारा किये गए खुलासों के आधार पर
उपरोक्त अन्य तीन लोगों को मामले में नामित कर दिया गया उन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ और भी वारदातों के खुलासा होने की संभावना है जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
वार्तालाप में शामिल हों