फरीदाबाद- भाजपा को 2024 हरियाणा में तीसरी बार काबिज़ होने के लिये नेताओं के परिवार से परहेज़ नही करना चाहिए - हरीश चन्द्र आज़ाद
भाजपा को 2024 हरियाणा में तीसरी बार काबिज़ होने के लिये नेताओं के परिवार से परहेज़ नही करना चाहिए - हरीश चन्द्र आज़ाद
फरीदाबाद:30-जून।
कमल कांत शर्मा (एच एन न्यूज़)
हरियाणा पंजाबी संस्कृति संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि भाजपा को 2024 प्रदेश चुनावों में तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लिये बड़े नेताओं के बच्चों को टिकट देने में परहेज नही करना चाहिए क्योंकि राजनिति का पहला असूल है जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट देना चाहिए और इसके लिये दूसरा काम भाजपा को यह करना पड़ेगा कि चेहरे को अहमियत न देने हुए जीतने वाले उम्मीदवारों को ही लड़ाना चाहिये। उन्होंने कहा कि किसी देश व प्रदेश में लगातार दो बार सरकार बनने के बाद बहुत ज्यादा विद्यायकों के प्रति विरोधी लहर भी होती है इसलिये भाजपा को स्वयं निरिक्षण करना चाहिये कि किस किस विद्यायक के प्रति जनता का रोष है उसको बदलने में इस बार भाजपा को थोड़ी सी भी हिचक नहीं करना चाहिये।
हरीश आज़ाद ने कहा कि प्रदेश में चार नेता एैसे हैं जो अपने परिवार में से किसी को लड़ाना चाहते हैं और उनके जीतने की भी पूरी उम्मीद है। सबसे पहला नम्बर आता है फरीदाबाद के सांसद केन्द्रीय
मंत्री माननीय कृष्णपाल गूजर जो अपने सुपुत्र देविन्द्र चौधरी को तिगांव लड़वाना चाहते हैं और कृष्णपाल जी का फरीदाबाद की राजनिति में बहुत बड़ा कद हैं वह अपने बेटे को किसी भी सीट से जितवा सकते हैं इसलिये पार्टी को उनके बेटे को टिकट देने में इस बार बिल्कुल भी परहेज़ नही करना चाहिये।दूसरे नम्बर पर गुरूग्राम के सांसद केन्द्रीय मंत्री
राव इंद्रजीत सिहं जो अपनी बेटी आरती सिंह को चुनाव लड़ाना चाहते हैं और वह अपनी बेटी के लिये जहाँ से टिकट मांगे उन्हें दे देनी चाहिए और उनकी बेटी की जीत भी लगभग निश्चित है। इसलिये पार्टी को उनकी बेटी को टिकट देनी चाहिये।तीसरे नम्बर पर आते हैं
रमेश चन्द्र कोशिक अपने बेटे को चुनाव लड़ाना चाहते और उनकी जीत का प्रतिशत भी भाजपा के वहाँ के स्थानिय नेताओं से ज्यादा है इसलिये उन्हें भी टिकट देनी चाहिये और जो चौथा नम्बर आता है वह है बीरेन्द्र सिंह का जिनकी पत्नी को भाजपा ने उचाना से पहले ही टिकट दिया हुआ है और आगे भी देना चाहिये।आज़ाद ने कहा कि इसी तरह हरियाणा में भाजपा के करीब 13 विधायक एैसे है जिनका जीतना लगभग नामुमकिन है जिनमें फरीदाबाद लोकसभा से 3, भिवानी से 2, सोनीपत से लेकर अम्बाला तक 4 और हिसार से सिरसा के 4 मौजूदा विद्यायक एैसे हैं जिनकी जीता नामुमकिन है इसलिये भाजपा स्वंय अपने कार्यकत्ताओं से जानकारी लेकर उन्हें बदले तो इनमें से 10 सीटें पक्का भाजपा फिर से जीत सकती है। परिणाम लोकसभा चुनावों में भाजपा देख सकती है जहाँ मोदी व भाजपा लहर का असर पड़ेगा और भाजपा कम से कम 7 सीटें जीतेगी और अगर भाजपा ने उन 13 मौजूदा विद्यायकों की टिकट न बदली व चारों भाजपा के नेताओं के परिवार को टिकट न दी तो भाजपा लोकसभा के 40 प्रतिशत वोटर की वोट गंवा देगी और तीसरी बार हरियाणा में सत्ता सम्भालने का अवसर खौ देगी।
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