होडल:फर्जी डीएसपी बन नौकरी के नाम पर महिला से ठगे तीन लाख, बचे पैसे लेने आया एक आरोपी चढ़ा थाना होडल पुलिस के हत्थे
फर्जी डीएसपी बन नौकरी के नाम पर महिला से ठगे तीन लाख, बचे पैसे लेने आया एक आरोपी चढ़ा थाना होडल पुलिस के हत्थे
होडल /पलवल :25 -जुलाई।
प्रमोद शर्मा (एचएन न्यूज़)
डीएसपी होडल सज्जन सिंह ने बताया कि लोकेंद्र सिंह एसपी पलवल के कुशल नेतृत्व मार्गदर्शन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में होडल थाना पुलिस ने एक महिला से सोशल मीडिया के माध्यम से परिचय कर अपने आपको डीएसपी बता पुलिस में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये ठगी मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि होडल थाना क्षेत्र अंतर्गत होडल निवासी महिला रचना ने दी शिकायत में बताया की करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर रविंदर नाम के एक युवक की फ्रेंड रिक्वेस्ट उन्हें मिली जिसको उन्होंने स्वीकार कर लिया। फिर उस आईडी पर उनकी एक युवक से बात हुई जिसने बताया की वह जयपुर में बतौर डीएसपी हेडक्वार्टर लगा हुआ है और उसको कहा कि वह एक दो व्यक्तियों को राजस्थान में सब इंस्पेक्टर लगवा सकता है। महिला ने बताया की उक्त फर्जी डीएसपी रविंदर ने अपनी प्रोफाइल पर पुलिस की वर्दी में फोटो लगा रखा था और मुझे आई
कार्ड भी दिखाया था। महिला ने शिकायत में बताया की उसने एक अपने परिचित को लगवाने के बारे में उक्त कथित डीएसपी से बात की तो उसने कहा की यह काम 10 लाख मे होगा और आधे पहले व आधे पैसा बाद में देने होंगे। उसकी बातों का विश्वास करके मैंने पैसे देने की हां कर दी तो उसने कहा कि मैं अपने किसी मुलाजिम को आपके पास भेज दूंगा और वो तुमसे पैसे ले आयेगा करीब 15 दिन पहले मुझे उसका फोन आया कि मैं होडल अपने मुलाजिम भेज रहा हूँ आप उन्हें पैसे दे दो वो आपको त्यागी मन्दिर होडल के पास शाम को 8 बजे के करीब मिल जायेंगे साथ ही उसने मुझसे कहा कि अगर आपका बंदा पुलिस में नहीं लगता है तो मैं आपको आपके पैसे वापिस कर दूंगा और मैं आपको अपना एक चैक भी दे दूंगा। बताये अनुसार उसके द्वारा भेजे गए व्यक्तियों ने मुझे एक चैक एचडीएफसी बैंक का दिया था जिससे मुझे उसकी बातों पर विश्वास हो गया और मैंने उसके द्वारा भेजे हुए लोगों को त्यागी मन्दिर के पास करीब
15 दिन पहले 3 लाख रुपये दे दिये। तीन लाख रुपये देने के बाद उक्त कथित डीएसपी दो लाख रुपये और मांगने लगा जब मैंने उससे नौकरी के बारे में पूछा तो उसने कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया तो इस पर उसे लगा कि उसके साथ ठगी की जा रही है। बीती 23 जुलाई को उक्त फर्जी डीएसपी रविन्द्र का मेरे पास फ़ोन आया और कहा की कल मेरे बंदे आपके पास आ रहे हैं उन्हें बाकी बचे 2 लाख रुपये दे देना। मैंने पुलिस को इस बावत अवगत करा दिया। बताये समय अनुसार गाडी में सवार होकर तीन युवक आये उनके आने पर मैंने पुलिस को सूचित कर दिया।
पुलिस ने मौके से चालक सहित तीनों को काबू किया। चालक की पहचान अरुण पुत्र रामस्वरूप, दूसरे व्यक्ति की पहचान दीपक पुत्र शिव सिंह तथा तीसरे व्यक्ति की पहचान मोनू महावर पुत्र छोटेलाल निवासी मन्ना रोड अलवर हाल अपना घर शालीमार प्लॉट नंबर बी 147 गेट नंबर 9 थाना सदर अलवर जिला अलवर,राजस्थान के रूप में हुई।
डीएसपी ने बताया कि जाँच मे चालक अरुण व दीपक उपरोक्त की संलिप्तता नहीं पाई गई एवं आरोपी आरोपी मोनू महावर पुत्र छोटेलाल उपरोक्त की संलिप्तता पाई जाने पर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मुख्य आरोपी फर्जी डीएसपी रविंदर जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा। आरोपी से गहनता से पूछताछ जारी है।
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