राहगीरों को आज बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन गूंगी बहरी सरकार को लोगों की परेशानी नजर नहीं आ रही
जीन्द:26-जुलाई।
कमल कांत शर्मा (एच एन न्यूज़)
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर वालों ने बताया कि शहर के लिए नासुर बना देवीलाल चैक का अण्डरपास में 5-5 फीट बरसात का पानी होने के कारण कई गाड़ियां, मोटरसाइकिल, हाथ-रेहड़ी बन्द हुई तथा आने-जाने का रास्ता न होने के कारण
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर वालों ने बताया कि शहर के लिए नासुर बना देवीलाल चैक का अण्डरपास में 5-5 फीट बरसात का पानी होने के कारण कई गाड़ियां, मोटरसाइकिल, हाथ-रेहड़ी बन्द हुई तथा आने-जाने का रास्ता न होने के कारण
कई लोग बाजारो में जाने से वंचित रह गए। यह संकट प्रशासन, रेलवे विभाग व चुने हुए प्रतिनिधियों की वजह से आया है। महावीर कंप्यूटर ने कहा कि राहगीरों को आज बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन गूंगी बहरी सरकार को लोगों की परेशानी नजर नहीं आ रही, आज बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न है व शहर की कई कालोनियों में पानी की निकासी न होने के कारण 5 -5 फुट पानी भरा पडा है लेकिन प्रशासन व सरकारी विभाग कुंभकरण की नींद सो रहा हैं। महावीर कंप्यूटर वालों ने कहा कि देवीलाल चैक के पास शहर के लोग विशाल धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। जब तक रेलवे फाटक के पास छोटे अण्डरपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता तब तक शहर की सुविधा के लिए रेलवे फाटक खोल देना चाहिए।
महावीर कंप्यूटर ने कहा कि रेलवे फाटक बन्द होने से शहर को दो भागों में बांट दिया है। शहर के लोग इतने दुखी हैं कि आंदोलन करने के लिए मजबूर है। महावीर कंप्यूटर ने हरियाणा सरकार, प्रशासन व रेलवे विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए रेलवे फाटक को तुरंत खोल देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि शहर की इस गम्भीर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा। दोनों अण्डरपास में पानी भरने से लोगों को गम्भीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है प्रसासन अण्डरपास में पानी निकासी का स्थायी समाधान करें । आज पूरा प्रशासन देवीलाल चैक के पास हालातो का मुआवना करने आया था प्रशासन की भी कई गाड़ियाँ फंस चुकी थी तथा लोग धक्के मार कर निकाल रहे थे। जींद उपायुक्त को ये हालात
देखकर फाटक खोलने के आदेश दे देने चाहिए थे। महावीर कंप्यूटर ने यह भी कहा कि दोनों अण्डरपासों में पानी भरने से व्यापार भी बिल्कुल बंद पड़े हैं तथा बच्चे पढ़ाई करने के लिए शिक्षण संस्थानों में शिक्षा लेने से वंचित हो गए, बीमार व्यक्ति हस्पताल जाने से वंचित हो गए है, सरकारी विभाग का भी कामकाज कर्मचारी न पहुंचने के कारण बाधित हुआ है, जिससे सरकारी विभागों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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