अंजनी पुत्र हनुमान मंदिर, गुरुग्राम में अखंड रामायण, संत समागम व विशाल भंडारे का भव्य आयोजन
अंजनी पुत्र हनुमान मंदिर, गुरुग्राम में अखंड रामायण, संत समागम व विशाल भंडारे का भव्य आयोजन
गुरुग्राम/फरीदाबाद, 28 जनवरी।
जितेंद्र कुमार।
अंजनी पुत्र हनुमान मंदिर, गुरुग्राम में अखंड रामायण पाठ एवं दिव्य संत समागम के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में विशाल भंडारे का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर राम नाम, हनुमान भक्ति और सेवा भाव से सराबोर नजर आया।
इस भव्य आयोजन का संरक्षण एपी फाउंडेशन के प्रमुख एवं सुप्रसिद्ध वास्तुकार पंडित आदित्य पारीख भैय्या जी के सान्निध्य में हुआ। पंडित आदित्य पारीख जी ने अपने संदेश में कहा कि “सेवा परमो धर्म” केवल एक कथन नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग है, जिसे व्यवहार में उतारना ही सच्ची साधना है। उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन सामाजिक समरसता, धर्म और सेवा का जीवंत उदाहरण बना।
अखंड रामायण पाठ के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं का दिव्य समागम भी हुआ। संतों का स्वागत एवं सम्मान अंजनी पुत्र हनुमान मंदिर की ओर से गौभक्त आचार्य मनीष हरि जी द्वारा पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया।
आचार्य मनीष हरि जी ने अपने संबोधन में कहा कि संतों का सान्निध्य समाज को धर्म, संस्कार और राष्ट्रभाव से जोड़ने का कार्य करता है। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन की बेहतर व्यवस्थाएं, अनुशासन और सेवा भाव श्रद्धालुओं के बीच विशेष प्रशंसा का विषय रहीं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और सनातन मूल्यों से जोड़ने का प्रेरक संदेश भी देकर गया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर पुरोहित पंडित अंकित दुबे एवं पंडित अंकित शुक्ला ने वेद मंत्रों के उच्चारण से वातावरण को आध्यात्मिक और दिव्य बना दिया।
इति शुभमस्तु।
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