देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा
पत्रकारिता में कलम की ताकत अतुलनीय है -डॉ एमपी सिंह
फ़रीदाबाद.30 मई।
कमल कांत शर्मा होडल न्यूज़
देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है इसलिए इसका सच के साथ खड़ा होना अति आवश्यक है पत्रकार का कार्य सत्तापक्ष से गलत कार्यों का विरोध करना ही नहीं बल्कि सही कार्य की सराहना करना भी होता है सरकार की स्कीमों के बारे में भी जनता को बताना होता है डॉ एमपी सिंह ने कहा कि एक अच्छा पत्रकार कुशल लेखक वकील वक्ता दूरदर्शी व मनोवैज्ञानिक होता है उसमें गुप्तचर के गुण भी समाहित होते हैं इसीलिए वह निर्भीकता और निडरता से सच्ची खबर प्रकाशित करता है अपनी कलम को झुकने और बिकने नहीं देता है कलम के खरीदारों को उनकी औकात से अवगत करा देता है लेकिन आज पत्रकारिता में कुछ ऐसे पत्रकार आ गए हैं जिनसे पत्रकारिता दूषित हो गई है एक पक्ष में बोल रहा है दूसरा विपक्ष में लेकिन सच बोलने की हिम्मत किसी की भी नहीं है कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर उगाही कर रहे हैं वह लोगों को भ्रमित कर रहे हैं डरा धमका कर ब्लैकमेल कर रहे हैं जोकि असूलो के आधार पर गलत है पत्रकार होना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है
पत्रकारिता दिवस मनाने की शुरुआत बंगाल से राजा राममोहन राय के द्वारा की गई थी इसमें बड़े-बड़े विद्वानों ने अपनी अहम भूमिका निभाकर देश को सशक्त किया है आजकल भी कुछ विद्वान इसमें पदार्पण कर गए हैं जो अपने ब्लॉक लिखकर लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं साफ छवि का ईमानदार पत्रकार पूजनीय वंदनीय और प्रार्थनीय होता है पत्रकार को देशहित और जनहित में कार्य करना चाहिए डॉ एमपी सिंह ने पत्रकारों के कर्तव्य बताते हुए कहा कि पत्रकार को तथ्यों का सम्मान करना चाहिए निष्पक्ष टिप्पणी करनी चाहिए स्वतंत्रता के सिद्धांतों की पालना करनी चाहिए
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